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Registrations for the next Haryana Super 100 and Mission Buniyaad batches are open. Apply today and take the first step.
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विकल्प की यात्रा व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र की ओर जाने वाली एक चेतना की यात्रा है।
हमारा विश्वास है कि किसी राष्ट्र का वास्तविक निर्माण केवल उसकी भौतिक प्रगति, संस्थाओं अथवा व्यवस्थाओं से नहीं होता; उसकी नींव उस समाज की चेतना, चरित्र और चिंतन की दिशा में होती है। वर्तमान समय में व्यक्ति और समाज के भीतर बढ़ता भटकाव, अस्थिरता और उद्देश्यहीनता केवल व्यक्तिगत प्रश्न नहीं हैं—वे हमारे सामूहिक भविष्य के प्रश्न हैं। विकल्प का प्रयास इसी भटकाव के बीच ठहराव पैदा करना, समाज के भीतर एक गहरी और सकारात्मक चेतना विकसित करना तथा व्यक्ति की ऊर्जा को रचनात्मकता और निर्माण की ओर प्रवाहित करना है। ऐसी चेतना, जो व्यक्ति को केवल स्वयं के लिए जीना न सिखाए, बल्कि उसे अपने परिवार, अपने परिवेश, अपने समाज और अंततः राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व का बोध कराए। हमारा उद्देश्य किसी एक विचार को आरोपित करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर उस विवेक और सामर्थ्य को जागृत करना है जिससे वह स्वयं अपनी दिशा पहचान सके और विघटन के स्थान पर सृजन, भटकाव के स्थान पर उद्देश्य और निष्क्रियता के स्थान पर निर्माण को चुन सके।
इसी व्यापक सामाजिक संकल्प में शिक्षा और आने वाली पीढ़ी हमारे लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। आज Vikalpa Foundation, हरियाणा सरकार एवं स्कूल शिक्षा विभाग के साथ Mission Buniyaad और Haryana Super 100 जैसे प्रयासों में सहयोग करते हुए सरकारी विद्यालयों के बच्चों तक पहुँच रहा है। हमारा प्रयास केवल उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। हम उस ऊर्जा को पहचानना और दिशा देना चाहते हैं जो हर बच्चे के भीतर स्वाभाविक रूप से विद्यमान है; उनके आसपास ऐसा वातावरण निर्मित करना चाहते हैं जहाँ जिज्ञासा हो, विचार हो, विज्ञान हो, अपनी जड़ों का बोध हो और कुछ रचने की आकांक्षा हो। भारतीय चिंतन की गहराई और आधुनिक Science & Technology की शक्ति के बीच संवाद स्थापित करते हुए हम ऐसी चेतना के निर्माण की कल्पना करते हैं जो आने वाले समय में केवल सफल व्यक्तियों को नहीं, बल्कि रचनात्मक समाज, उत्तरदायी नागरिक और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका पहचानने वाली पीढ़ियों को जन्म दे। क्योंकि अंततः विकल्प के लिए राष्ट्र निर्माण कोई अलग कार्य नहीं है—वह व्यक्ति के भीतर जागे विचार से आरम्भ होकर समाज के चरित्र में दिखाई देने वाला परिवर्तन है।